पिपलकोटी में भारतीय सेना ने चलाया बचाव अभियान

*‘हर काम देश के नाम’*

 

*पिपलकोटी में भारतीय सेना ने चलाया बचाव अभियान*

 

जोशीमठ

 

जोशीमठ से भारतीय सेना की मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (HADR) टुकड़ी को तत्काल पिपलकोटी रवाना किया गया, जहां सुरंग के अंदर 28 श्रमिकों के फंसे होने की सूचना के बाद जारी खोज एवं बचाव अभियान को मजबूती प्रदान की गई।

 

सेना की बचाव टीम में अधिकारी, जूनियर कमीशंड अधिकारी (JCO) एवं जवान शामिल हैं। बचाव अभियान को प्रभावी बनाने के लिए विशेष प्रशिक्षित के-9 दल तथा समर्पित चिकित्सा दल भी टीम के साथ तैनात किए गए हैं।

 

घटनास्थल पर पहुंचने के बाद सेना की टीम ने विस्तृत टोही की तथा स्थिति का आकलन करने और आवश्यक परिचालन संसाधनों का निर्धारण करने के लिए HCC के इंजीनियरों, THDC तथा अन्य एजेंसियों के साथ निकट समन्वय स्थापित किया। बचाव दलों के सुरंग में प्रवेश से पहले अंतिम बार भी विस्तृत टोही की गई।

 

विशेष बचाव उपकरणों का उपयोग करते हुए सेना की टीम सुरंग के भीतर लगभग 1.5 किलोमीटर तक आगे बढ़ी। इस दौरान टीम को लगभग 300 मीटर लंबे जलमग्न हिस्से का सामना करना पड़ा, जहां पानी छाती तक पहुंच रहा था। चुनौतीपूर्ण एवं जोखिमपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद सेना के जवान जलमग्न हिस्से में दाखिल हुए और फंसे हुए श्रमिकों को बाहर निकालने में सहायता की।

 

भारतीय सेना की HADR टुकड़ी ने बहु-एजेंसी बचाव अभियान में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया और सुरंग से चार श्रमिकों को बाहर निकालने के प्रयास में अहम भूमिका निभाई।

 

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी एवं परियोजना प्रबंधक, THDC से प्राप्त नवीनतम जानकारी के अनुसार, इस घटना में कुल 28 व्यक्ति प्रभावित हुए। इनमें से छह व्यक्ति स्वयं बाहर निकलने में सफल रहे, जबकि 22 व्यक्ति सुरंग के अंदर फंस गए थे। 14 श्रमिकों को घायल अवस्था में बाहर निकाला गया, जिनमें से दो ने बाद में अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। अब तक पांच मृतकों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि तीन व्यक्ति अभी भी लापता हैं।

 

पिपलकोटी में बचाव अभियान जारी है और तीन लापता व्यक्तियों का पता लगाने के लिए विभिन्न एजेंसियों की टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं।

 

भारतीय सेना नागरिक प्रशासन तथा बचाव अभियान में जुटी सभी एजेंसियों को हरसंभव सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों और प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद सेना के जवान जीवन बचाने तथा लापता व्यक्तियों को उनके परिवारों तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।